दिल की बात

दिल की बात जुबाँ पर आ गयी
ज़िन्दगी भी हँसकर एक पल को शर्मा गयी।
पलटकर देखी अपनी ही परछाई जब
सूरत देख अपनी खुद ही घबरा गयी।

Advertisements

2 thoughts on “दिल की बात

  1. अजमेरा साहब
    पंक्तिया खूबसूरत है
    आपकी तरह
    और इनकी परछाई भी
    सुन्दर है आपकी कलम की तरह।।

    शुभ रात्री

    Like

    • आप जैसे कवि प्रिय लोगो के लिए ही तो आज कविताये ज़िंदा है।
      धन्यवाद और बहुत आभार।

      आप चाहे तो मेरी कविताऐ retweet भी कर सकते हैं

      शुभ रात्री

      Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s