अपनों को अपनों से दूर…..

गम में खुद को बिखरते हुए देखा है
अपनों को अपनों से दूर होते हुए देखा है ।
कल तक जो संग खेलते थे हँसते – गाते
आज, नज़रों से नज़र भी कहाँ मिलाते ।
हालात के चौराहे पर
सख्सियत को बदलते देखा है ।
अपनों को अपनों से दूर होते हुए देखा है ।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s